पुत्रेष्ठि यज्ञस्थली के विकास को आगे अाएं संत ! महंत शशिधराचार्य

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WhatsApp Image 2017-12-11 at 9.21.12 AMलखनऊ उत्तरप्रदेश- अयोध्या बैकुंठधाम के महंत शशिधराचार्य ने मखौड़ा स्थित श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में मनोरमा महाआरती के अवसर पर अपनी वार्तालाप के दौरान मनोरमा नदी की बदहाल दशा पर चिंता व्यक्त की है, उन्होंने संतों को महाराज दशरथ की पुत्रेष्ठि यज्ञ स्थली के विकास के लिए आगे आने का आह्वान किया है और साथ ही कहा कि यदि मखक्षेत्रवासी चाहें तो मनोरमा और मखौड़ा धाम की सूरत बदलने में देर नहीं लगेगी, शशिधराचार्य ने मखौड़ा के विकास के लिए मुख्यमंत्री से पहल करने की भी मांग की, मनोरमा के पावन तट पर हर पूर्णिमा की भांति इस बार मखक्षेत्र मित्र मंडल चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष/अधिवक्ता सन्तोष कुमार पांडेय के निर्देशन में पदाधिकारियों का जमावड़ा हुआ, पहले घाटों की साफ सफाई की गई, फिर पारंपरिक तरीके से मां मनोरमा की 51 दीपों से महाआरती की गई, अयोध्या के संतों ने महाआरती के बाद अपने विचार रखे, बतौर मुख्य अतिथि शशिधराचार्य ने कहा कि भगवान राम अपनी जन्मभूमि के बारे में हमेशा सोचते थे, श्रीरामचरित मानस में इसका उल्लेख मिलता है, मखक्षेत्रवासियों को भी अपनी जन्मभूमि के उत्थान एवं विकास पर चिंतन करना चाहिए, उन्होंने कहा कि संतों का एक प्रतिनिधि मंडल शीघ्र ही मखौड़ा के विकास के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और उनका ध्यान महाराज दशरथ की पुष्त्रेष्ठि यज्ञ स्थली की ओर आकृष्ट कराएगा, कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि श्रीराम नगरी से आए पार्षद प्रतिनिधि घनश्याम पहलवान, मोहित कृष्ण शास्त्री, धीरज द्विवेदी आदि ने भी महाआरती में शिरकत की, रामजानकी मंदिर के महंत सूर्यनरायण दास वैदिक, मित्र मंडल के महासचिव रामपाल मिश्र, संरक्षक राम सेवक वर्मा, रक्षाराम वर्मा, राम बहादुर पांडेय, विद्यावती पांडेय आदि ने संतों का अभिवादन किया, इस मौके पर रामशंकर सिंह, सालिक राम वर्मा, रामकिशोर पांडेय, प्रभुनाथ पांडेय, झिनकनू वर्मा, सियाराम पांडेय, कालीप्रसाद मौर्य, अर्जुन प्रसाद, प्रदीप पांडेय आदि मौजूद रहे.

व्यू इण्डिया टाइम्स के लिए महेंद्र पाण्डेय की रिपोर्ट

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