कुछ बयान बहादुर सूबे का माहौल गर्म करनें पर अमादा रहते हैं,आखिर क्यों ?

0
300

उन्नाव – सूबे में जैसे-images (4)जैसे चुनावों का समय नजदीक आता जा रहा हैं,वैसे वैसे राजनेताओं की बयांन बहादुरी भी तेज होती जा रही है,कुछ राजनैतिक दलों के ये पुरोधा धर्म की ढाल लेकर चुनावी रण भूमि में आम जनमानस के समक्ष अपनें आप को उनका ज्यादा हिमायती दिखाने का ढोंग करते हुए वाक युद्ध करते देखे जा रहे हैं,फिलहाल सांप्रदायिक दंगों से शांत उत्तरप्रदेश की सरजमीं शायद  इन बयांन बहादुरों को रास नहीं आ रही है,और इसी वजह से कुछ राजनेता धर्म का मुद्दा उठा कर जुबानी जंग कर के सूबे का माहौल खराब करने पर अमादा है,सूबे में हुए दंगों के बाद लाशों पर राजनीत करनें वालों की भी इस सूबे में कोई कमीं नहीं है और इसी वजह से शायद कभी सूर्य नमस्कार,गीता और गंगा के अलावा मंदिर मस्जिद जैसे कई अन्य गंभीर धार्मिक मुद्दों को लेकर ये बयांन बहादुर सूबे का माहौल गर्म करनें पर अमादा रहते  हैं,आखिर क्यों ? images (5),हमेशा से ही अपने   विवादास्पद बयानों के लिए प्रसिद्ध उन्नाव के सांसद साक्षी महराज ने इस बार कैबिनेट मंत्री आजम खां को जय श्रीराम का उद्घोष करने का निमंत्रण दे डाला है,सांसद के मुताबिक  यदि आजम भगवान राम के नाम का नारा लगाएं तो साक्षी महराज को भी नमाज पढऩे से कोई गुरेज नजर नहीं आ रहा है,उन्नाव के सांसद साक्षी महराज ने पत्रकार वार्ता  में कहा है कि आजम खां ने योगी आदित्यनाथ के इस बयांन से कि सूर्य नमस्कार करने से मस्तिष्क तेज होता है पर कहा था कि सूर्य नमस्कार से अच्छा है कि दिन में चार बार नमाज पढ़ें तो इन्सान का दिमाग दुरुस्त रहेगा,आजम के सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ,मै आजम खां को निमंत्रण देते  हुए जय श्रीराम बोलने को कह रहा हूँ ,यदि  वह ऐसा कर दें तो मुझे  भी नमाज पढऩे में कोई समस्या नहीं है,सांसद महोदय और आजम खां के इस वक्तव्य से ये लोग आम जनमानस को क्या सन्देश देना चाहते है ? यह समझ से परे है,आप राज नेता लोग नमाज पढों,सूर्य नमस्कार करो,या योग करों किसी को कोई गुरेज नहीं लेकिन एक दुसरे को आमंत्रण देकर ये सब करने या ना करने की शर्त कहाँ से लागू  होगई,यह सब करके समाज में क्या मैसेज ट्रेवल करना चाहते है  यह समझ में नहीं आ पारहा है,एक और जहाँ दो बयांन बहादुर योद्धा वाक युद्ध करनें में मशगूल है,वहीं,विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के  नेता  प्रवीण भाई तोगडिया ने भी अपने आप को चिकित्सक कहते हुए दावा ठोंक दिया है  कि एक डाक्टर होने के नाते वह इस बात को दावे के साथ कह सकते है कि हिंदू से अधिक बीमार मुसलमान है,जिसे योग की ज्यादा जरूरत है,अब प्रवीणभाई तोगड़िया के पास ऐसा कौन सा पैरामीटर है कि उन्हों ने एक साथ मुस्लिम समाज के बीमार होने का आंकलन कर डाला,उन्होंने मंदिर मुद्दे पर भी बयांन देते हुए कहा कि हर हाल में अयोध्या में मंदिर बनाकर रहेंगे और वहां मस्जिद का कोई स्थान नहीं है,प्रवीण तोगड़िया बुलंदशहर विहिप के एक कार्यक्रम में मौजूद थे,तोगड़िया शायद भूल बैठे कि बीजेपी के ही एक बड़े नेता अपने बयांन में ये बोल बैठे थे कि कुछ बड़े मुद्दों के लिए उनके पास अभी दो तिहाई बहुमत नहीं है,फिर भी ऐसे में रह रह कर मंदिर,मस्जिद की बात क्यों याद आती हैं ? शायद ये वाक योद्धा ही बता पाएंगे.

व्यू इण्डिया टाइम्स के लिए व्यूरोचीफ उत्तर प्रदेश धीरज दुबे की रिपोर्ट

 

LEAVE A REPLY